समस्त देवी-देवताओं की प्रमाणिक चालीसा, स्तुति और आरती शुद्ध हिंदी पाठ में
दोहा एवं चौपाई सहित सम्पूर्ण पाठ
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥
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संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा। भय और बाधाओं का नाश करने वाली चालीसा।
पाठ पढ़ें →जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। महादेव की कृपा और मानसिक शांति हेतु नित्य पाठ।
पाठ पढ़ें →नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अम्बे दुःख हरनी। शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए।
पाठ पढ़ें →जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में विघ्नहर्ता का पाठ।
पाठ पढ़ें →मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। सुख, समृद्धि और वैभव प्रदान करने वाली देवी चालीसा।
पाठ पढ़ें →बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। प्रेम, आनंद और मुक्ति प्रदाता श्री कृष्ण का पावन पाठ।
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